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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का दूसरा महीना – लकà¥à¤·à¤£, शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ और आहार
In this Article
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने के सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में होने वाली आम समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ अपेकà¥à¤·à¤¾ करें ?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨
संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हानिकारक संकà¥à¤°à¤®à¤£
à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास
जांच व परीकà¥à¤·à¤£
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में आहार
होने वाले पिता के लिठसà¥à¤à¤¾à¤µ
होने वाली माठके लिठसà¥à¤à¤¾à¤µ
अधिकांश माà¤à¤“ं को, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने से ही गरà¥à¤ में शिशॠके होने का अनà¥à¤à¤µ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। इस समय पर कà¥à¤› नठऔर दिलचसà¥à¤ª लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है जो अजीब और आपको थका देने वाले à¤à¥€ हो सकते हैं। ये परिवरà¥à¤¤à¤¨ अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤¬à¤² और à¤à¤¾à¤µà¥à¤• à¤à¥€ हो सकते हैं किनà¥à¤¤à¥ आप इस बात का खयाल रखें कि आप उस बदलाव की उस राह पर हैं जहाठआपके शरीर में à¤à¤• नया जीवन पल रहा है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने के सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£
माठबनने जा रही अधिकांश महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में उन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है जो à¤à¤• शिशॠके आने का सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ संकेत होते हैं।
1. मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस
यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ शबà¥à¤¦ आपने हर कहीं और हर किसी से सà¥à¤¨à¤¾ होगा, हालांकि लगà¤à¤— सà¤à¥€ महिलाओं ने यह पाया है कि यह शबà¥à¤¦ बिलकà¥à¤² वैसा नहीं है जैसा कि सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में लगता है। मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¬à¤¹ के समय अधिक होती है किनà¥à¤¤à¥ पूरे दिन के लिठयह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनी रहती है, कà¤à¥€â€“कà¤à¥€ इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कम होता है और कà¤à¥€â€“कà¤à¥€ यह अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। जीव–विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, इसका आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और आपके शिशॠपर कोई à¤à¥€ नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं पड़ता है। हालांकि, लगातार उलà¥à¤Ÿà¥€ और मतली महसूस होने की वजह से कारà¥à¤¯ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• कठिनाई और विफलता पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है। हर समय असहजता के कारण आपको à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ लग सकता है कि आपका साथी, आपके लिठपहले जैसा महसूस नहीं करता है। दूसरी तरफ अनेक माà¤à¤“ं का यह à¤à¥€ कहना है कि मतली की यह à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कà¤à¥€â€“कà¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠके बारे में सोचते हà¥à¤ खà¥à¤¦ का खयाल रखने में खà¥à¤¶à¥€ देती है।
2. मिज़ाज में असामानà¥à¤¯ परिवरà¥à¤¤à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥‚आती महीनों में यह à¤à¥€ à¤à¤• आम बात है । इस दौरान अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ के उतार–चà¥à¤¾à¤µ, आपके शरीर में होते हैं जिस कारण आप à¤à¤• पल खà¥à¤¶ तो दूसरे ही पल नाराज़ à¤à¥€ हो सकती हैं। आपका सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ चिड़चिड़ा हो सकता है या आप सà¥à¤¸à¥à¤¤ à¤à¥€ महसूस कर सकती हैं और à¤à¤¸à¥‡ में कà¤à¥€â€“कà¤à¥€ आपका वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° ज़िदà¥à¤¦à¥€ या अविवेकी à¤à¥€ हो सकता है जिस कारण आप यह à¤à¥€ सोच सकती हैं कि आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² कैसे कर सकेंगी। आपको परिवार के कारà¥à¤¯ और अनà¥à¤¯ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• कठिन और तनावपूरà¥à¤£ लग सकती हैं। अधिकतर मिजाज में परिवरà¥à¤¤à¤¨ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ के कारण होते हैं, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की रासायनिक संरचना में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होता है।
3. बार–बार पेशाब आना
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚, शौचालय को अपना दूसरा घर कहना शà¥à¤°à¥‚ कर देती हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगातार यह महसूस हो सकता है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पेशाब आ रही है, यह à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ उन पर अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• हावी होने लगती है। यह à¤à¤š.सी.जी. हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने का à¤à¤• परिणाम है, इसे मानव कोरियोनिक गोनाडोटà¥à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤•हा जाता है और दà¥à¤– की बात यह है कि पूरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनी रहती है। इसलिà¤, किसी à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठहाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहना सबसे पहली पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता होती है।
4. सà¥à¤¤à¤¨ के माप और आकार में वृदà¥à¤§à¤¿
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान किसी दिन अचानक आप पाà¤à¤‚गी कि आपकी बà¥à¤°à¤¾ उतनी आरामदायक महसूस नहीं हो रही जितनी पहले थी और आपके सà¥à¤¤à¤¨ à¤à¥€ पहले से बड़े महसूस होंगे। इसके अलावा, वे सामानà¥à¤¯ से काफी संवेदनशील हैं और छूने से उनमें दरà¥à¤¦ à¤à¥€ महसूस हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ आपके शरीर को माठकी à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठतैयार करने में मदद करते हैं और साथ ही ये हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨, सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के आकार सहित शारीरिक वसा को à¤à¥€ बà¥à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
5. विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करने की इचà¥à¤›à¤¾
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤› विशेष पà¥à¤°à¤•ार के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाने की इचà¥à¤›à¤¾, मिज़ाज में परिवरà¥à¤¤à¤¨ से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¬à¤² à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को सामानà¥à¤¯ रूप से पसंद आते हैं, वे कोई विशेष सà¥à¤µà¤¾à¤¦ की आइसकà¥à¤°à¥€à¤® या बड़े आकार के बरà¥à¤—र से लेकर सà¥à¤—ंधित रबर (इरेज़र) और सिगरेट की राख जैसी बिलà¥à¤•à¥à¤² अजीब चीजें हो सकती हैं, पोषण संबंधी कमी इस पà¥à¤°à¤•ार की इचà¥à¤›à¤¾ शकà¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ दे सकती है। जब तक खाने की ये इचà¥à¤›à¤¾à¤à¤‚ हानिकारक न हों इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पूरà¥à¤£ किया जा सकता है किनà¥à¤¤à¥ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ ही à¤à¤• बेहतरीन सà¥à¤à¤¾à¤µ है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में होने वाली आम समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
यहाठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के और à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हैं जिनका आप अनà¥à¤à¤µ कर सकती हैं।
मà¥à¤à¤¹ में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• लार बनना
कबà¥à¥› की समसà¥à¤¯à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿
छाती में जलन
अपच और पेट खराब होना
सामानà¥à¤¯ से कम à¤à¥‚ख लगना
सिरदरà¥à¤¦ और चकà¥à¤•र आना
निपà¥à¤ªà¤² और उसके चारों तरफ के à¤à¤¾à¤— का रंग गहरा होना
चिंता, à¤à¤¯, छोटी–छोटी बातों पर रोने लगना
नसों में सूजन (वेरिकोज वेनà¥à¤¸)
शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¾à¤—ों में सूजन और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में परिवरà¥à¤¤à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ अपेकà¥à¤·à¤¾ करें ?
आपके शरीर में à¤à¥€ तेजी से परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं, उनमें से कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
1. मà¥à¤à¤¹ में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• लार बनना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीनों के दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं में सामानà¥à¤¯ से अधिक लार बनने की समसà¥à¤¯à¤¾ देखी गई है। यह हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ या मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस होने से संबंधित हो सकता है, किंतॠइसका कोई निरà¥à¤£à¤¾à¤¯à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ अà¤à¥€ तक सामने नहीं आया है, इससे शिशॠया माठको किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का नà¥à¤•सान नहीं होता है।।
2. अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बार–बार पेशाब आता है और रकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥€ बढ़ोतरी होती है। इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प, शरीर के à¤à¥€à¤¤à¤° दà¥à¤°à¤µ के सही सà¥à¤¤à¤° को बनाठरखने के लिठअधिक पानी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। आपके अलावा, बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•–थैली में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, जो आपके शरीर में मौजूद पानी के उपयोग से ही विकसित होता है। दà¥à¤°à¤µ की बà¥à¤¤à¥€ हà¥à¤ˆ आवशà¥à¤¯à¤•ता, पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ में वृदà¥à¤§à¤¿ के रूप में नजर आती है।
3. योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ में परिवरà¥à¤¤à¤¨
माठके शरीर में इतने सारे परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के साथ आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने के आसपास योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ में à¤à¥€ बदलाव आता है। उसका रंग à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकता है, सà¥à¤°à¤¾à¤µ सामानà¥à¤¯ से अधिक गाà¥à¤¾ या पतला हो सकता है और उसकी मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ अधिक हो सकती है। जब तक रकà¥à¤¤ सराव में अजीब गंध न हो या तेज दà¥à¤°à¥à¤—ंध न आà¤, तब तक यह परिवरà¥à¤¤à¤¨ सामानà¥à¤¯ होता है।
4. गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में दरà¥à¤¦
आपके शरीर में à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ बढ़ रहा है और 2 महीने के गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके विकास के दौरान ही गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ उसके लिठजगह बनाना शà¥à¤°à¥‚ करता है। जगह में फैलाव के कारण ही गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में खिंचाव होता है जिससे दरà¥à¤¦ होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥‚आती दिनों को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करने के लिठशारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ ही सबसे पहले संकेत होते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दो महीनों के अंत में, à¤à¥à¤°à¥‚ण लगà¤à¤— 3 सेंटीमीटर लंबा हो जाता है, जिससे आपकी कमर सामानà¥à¤¯ से चौड़ी हो सकती है। वह कपड़े जो पहले आपको आराम से आ जाते थे, अब पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक तंग होगें। सà¥à¤¤à¤¨ का माप बॠजाता है, जिसके कारण आपको अपनी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बà¥à¤°à¤¾ पहनना छोड़ना होगा, और उसके बदले में नई सूती बà¥à¤°à¤¾ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना पड़ेगा । आपके पैरों में सूजन आ सकती है और पानी की कमी के कारण आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• à¤à¥€ हो सकती है। ये लकà¥à¤·à¤£ इतनी जलà¥à¤¦à¥€ नजर नहीं आते हैं और जब तक आप अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बारे में सà¥à¤µà¤¯à¤‚ नहीं बतातीं, तब तक इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से औरों को आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का पता नहीं चल सकता।
संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हानिकारक संकà¥à¤°à¤®à¤£
आपके शरीर में कई परिवरà¥à¤¤à¤¨ होने के कारण आप बाहरी संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अतिसंवेदनशील हो सकती हैं। गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के माधà¥à¤¯à¤® से विशिषà¥à¤Ÿ वायरस और इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा आपके à¤à¥à¤°à¥‚ण तक पहà¥à¤à¤š सकते हैं। यह संकà¥à¤°à¤®à¤£, गरà¥à¤ में बढ़ते बचà¥à¤šà¥‡ को गंà¤à¥€à¤° नà¥à¤•सान पहà¥à¤à¤šà¤¾ सकते हैं। इसलिठसरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अतिरिकà¥à¤¤ सावधानी बरतने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
बाहरी लोगों के संपरà¥à¤• से दूर रहने के लिठसारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• परिवहन से सफर न करें। यदि आप अà¤à¥€ à¤à¥€ ऑफिस में कारà¥à¤¯ करती हैं तो ऑकà¥à¤¸à¥‹à¤²à¤¿à¤¨, लहसà¥à¤¨â€“पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का तेल और इसी तरह के कà¥à¤› नाक के मरहम का उपयोग करें। इनसे तेज़ गंध आ सकती है, लेकिन यह वायरस को शà¥à¤µà¤¸à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फैलने से बचाते हैं। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपका कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤² सà¥à¤µà¤šà¥à¤›, साफ और संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलाने वाले कीटाणà¥à¤“ं से मà¥à¤•à¥à¤¤ हो।
à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास
गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने तक आपका बचà¥à¤šà¤¾ मानव रूप लेने के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चरणों में होता है। इस महीने के दौरान अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में शिशॠà¤à¤• अलग गà¥à¤°à¤¹ के पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ जैसा दिखेगा। वह आमतौर पर à¤à¤• घà¥à¤®à¤¾à¤µà¤¦à¤¾à¤° नली जैसा दिखता है, जिसके à¤à¤• छोर पर सिर होता है और दूसरे छोर पर नितंब होते हैं। यह नलिका वह जगह है जहाठसे रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ और गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² विकसित होना शà¥à¤°à¥‚ होती है। हालांकि यह बहà¥à¤¤ छोटा होता है, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ की वृदà¥à¤§à¤¿ उसके असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के पहले चरण की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में लगà¤à¤— दस हजार गà¥à¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। उसके सिरे पर धीरे–धीरे आà¤à¤–, नाक, कान सहित मà¥à¤–ाकृति दिखाई देने लगती है जबकि माथा बहà¥à¤¤ बड़ा होता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के आसपास शिशॠके दिल की धड़कन सà¥à¤¨à¤¾ सकता है। इस अवधि में, जननांग और हाथ–पैर à¤à¥€ बनने लगते हैं, हालांकि यह सब मà¥à¤¶à¥à¤•िल से दिखाई देता है। शरीर के अधिकांश अंग इस चरण के पहले से ही विकसित होना शà¥à¤°à¥‚ हो चà¥à¤•े होते हैं।
जांच व परीकà¥à¤·à¤£
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीनों में, कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास या कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• जाती हैं। मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आपके वजन और रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के सामानà¥à¤¯ होने की जांच की जाती है। सामानà¥à¤¯ जांच के लिठरकà¥à¤¤ और मूतà¥à¤° का नमूना à¤à¤•तà¥à¤° किया जाता है। इन नमूनों में शरà¥à¤•रा और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की जांच के साथ ही à¤à¤¡à¥à¤¸ और सिफलिस जैसी बीमारियों का परीकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ किया जाता है। ई.à¤à¤¨.टी., दंत चिकितà¥à¤¸à¤• और अनà¥à¤¯ डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पूरà¥à¤£ शारीरिक जांच à¤à¥€ की जा सकती है । इसके अलावा सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ योनि सराव के जांच की à¤à¥€ सलाह दी जा सकती है।
ये परीकà¥à¤·à¤£ और कà¥à¤› अनà¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¤• सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤—ति की जांच करने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• होते हैं। हेमोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ जांच से आपके रकà¥à¤¤ के जमने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का पता लगाया जाता है। सूजन और वेरिकोज वेनà¥à¤¸ के लिठशारीरिक जांच à¤à¥€ की जाती है। यदि आपका और आपके पति का रकà¥à¤¤ किसी विशिषà¥à¤Ÿ रकà¥à¤¤ समूह संयोजन का है, तो इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤²à¥‹à¤¬à¥à¤²à¤¿à¤¨ जांच के लिठअतिरिकà¥à¤¤ विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परीकà¥à¤·à¤£ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है। यदि आप थायरॉइड की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से पीड़ित हैं, तो इस समय आपको à¤à¤‚डोकà¥à¤°à¤¿à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से मिलकर अपना परीकà¥à¤·à¤£ करवाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में आहार
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, इसका जवाब हमेशा होना चाहिठ– जितना संà¤à¤µ हो उतना पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥¤ दो जीवों के लिठखाने के मिथक को तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लेने पर जोर देना चाहिà¤à¥¤ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल, अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में दà¥à¤°à¤µ पदारà¥à¤¥, अनाज, विशिषà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤•ार के मांस – वे चीजें हैं जो आपके लिठउचित आहार योजना का हिसà¥à¤¸à¤¾ बन सकती हैं। खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के अलावा, कà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µ और विटामिन जैसे कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, जसà¥à¤¤à¤¾, लौह ततà¥à¤µ, आयोडीन और विटामिन डी हैं जिनके फायदे और लाठबहà¥à¤¤ अधिक हैं। हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों में à¤à¤°à¤ªà¥‚र फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है, जबकि दà¥à¤—à¥à¤§ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं। इसके अलावा, अधिकांश डॉकà¥à¤Ÿà¤° सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेने की सलाह देते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये विकास के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• चरणों में किसी à¤à¥€ जनà¥à¤®â€“दोष को रोकने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• होते हैं।
होने वाले पिता के लिठसà¥à¤à¤¾à¤µ
जिस तरह à¤à¤• महिला खà¥à¤¦ से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं होती है, उसी तरह à¤à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ केवल महिला तक सीमित नहीं होती है। माठबनने जा रही महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान, परिवरà¥à¤¤à¤¨ और आवशà¥à¤¯à¤•ताओं का सामना करने में मदद करने हेतॠपिता महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीने विशेष रूप से दोनों के लिठचà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ होते हैं। पिता बनने जा रहे पà¥à¤°à¥à¤· की यह जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ होती है कि वह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के संतà¥à¤²à¤¿à¤¤, सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ आहार का पूरा खयाल रखें । यह समà¤à¤¨à¤¾ à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाने के लिठकौन सी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का उपयोग करें जिनसे आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सकें। कà¥à¤› विशेष खाने की इचà¥à¤›à¤¾ और मिज़ाज में परिवरà¥à¤¤à¤¨ मà¥à¤¶à¥à¤•िलें उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकता है और माà¤à¤“ं को इन बातों से पार पाने में परेशानी हो सकती है। पिता बनने जा रहे पà¥à¤°à¥à¤· यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कर सकते हैं कि वे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की इस यातà¥à¤°à¤¾ में अपने साथी को पà¥à¤¯à¤¾à¤° और समरà¥à¤¥à¤¨ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ कराते रहें और तनाव का सà¥à¤¤à¤° कम से कम रखें। बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और देखà¤à¤¾à¤² का वातावरण आवशà¥à¤¯à¤• है, तब à¤à¥€ जब वह माठके गरà¥à¤ में है।
होने वाली माठके लिठसà¥à¤à¤¾à¤µ
इन सà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के साथ अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को आसान बनाà¤à¤‚।
1. नई आरामदायक बà¥à¤°à¤¾
सà¥à¤¤à¤¨ के माप में वृदà¥à¤§à¤¿ होने के कारण, आपको à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बà¥à¤°à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी जो न केवल उसके आकार को अचà¥à¤›à¤¾ बनाती है, बलà¥à¤•ि सही सहारा à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। सà¥à¤¤à¤¨ में छूने पर दरà¥à¤¦ और संवेदनशीलता होने के कारण सूती बà¥à¤°à¤¾ à¤à¤• बेहतरीन विकलà¥à¤ª है।
2. बीमारी से बचें
बीमारी से बचने के लिठसावधानी बरतना आवशà¥à¤¯à¤• है, à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से पहले या à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाने से पहले साफ पानी और सैनिटाइज़र का उपयोग करके हाथ साफ करें, यह आदत आपको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। à¤à¥€à¤¡à¤¼ और उन सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ से बचें जहाठकीटाणà¥à¤“ं के संपरà¥à¤• में आने का खतरा हो। नाक के सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ या कà¥à¤› तेलों का उपयोग आपको कीटाणà¥à¤“ं से बचने में मदद कर सकते हैं।
3. सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार
कà¥à¤› विशेष खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाने की इचà¥à¤›à¤¾ होगी लेकिन छाती में जलन या अपच से बचने के लिठसावधानी बरतें। इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को अधिक उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करने में चॉकलेट, खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों के रस, सरसों और तले हà¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका होती है। गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके कारण शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ तो होती ही है और इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करने से यह और à¤à¥€ बॠजाती है।
4. नियमितता
समय पर à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना और à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ दिनचरà¥à¤¯à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है । यह आपके शरीर को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रखने और सà¤à¥€ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को समय पर करने में मदद करता है। पानी और रेशेदार खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को अपने आहार में शामिल करें, यह कबà¥à¥› को कम करता है व सही समय पर मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— का à¤à¤• चकà¥à¤° निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है।
5. तà¥à¤µà¤šà¤¾ की देखà¤à¤¾à¤²
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शरीर में पानी की बहà¥à¤¤ कमी होती है, इसलिठसाबà¥à¤¨ के बजाय मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¥›à¤¿à¤‚ग जेल या तेलों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। तà¥à¤µà¤šà¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ का इलाज करने के लिठकिसी à¤à¥€ रासायनिक कà¥à¤°à¥€à¤® का उपयोग करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें और पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ को ही चà¥à¤¨à¥‡à¤‚।
6. à¤à¤°à¤ªà¥‚र आराम करें
आपके शरीर के अंदर इतने बदलाव होने के कारण आपको सामानà¥à¤¯ से बहà¥à¤¤ अधिक आराम की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। शरीर के लिठअधिक विशà¥à¤°à¤¾à¤® और शांत दिमाग, तनाव के सà¥à¤¤à¤° को कम रखने और बचà¥à¤šà¥‡ के निरंतर विकास के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की इस सà¥à¤‚दर यातà¥à¤°à¤¾ में निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ ही अनेक चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ आती हैं। माता–पिता दोनों के लिठशà¥à¤°à¥‚आती महीने मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से कठिन होते हैं लेकिन साथ ही ये रोमांचक à¤à¥€ होते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में सही सà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ और सावधानियों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखने से शिशॠके विकास की सही शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है और यह पà¥à¤°à¤—ति बिना किसी समसà¥à¤¯à¤¾ के आगे बढ़ती है।
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